Gold–Silver Price Crash: पिछले कुछ दिनों से कीमती धातुओं के बाजार में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना और चांदी, जो कुछ समय पहले तक लगातार नए रिकॉर्ड बना रहे थे, अब अचानक तेज गिरावट के दौर में पहुंच गए हैं। इस बदलाव ने जहां निवेशकों को चौंका दिया है, वहीं गहने खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए यह समय एक बड़ा मौका बनकर सामने आया है। घरेलू बाजार से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक, हर जगह इस गिरावट की चर्चा हो रही है।
कुछ हफ्ते पहले तक सोना और चांदी को सुरक्षित निवेश माना जा रहा था। वैश्विक अनिश्चितताओं, महंगाई और ब्याज दरों को लेकर चिंता के कारण निवेशकों ने भारी मात्रा में इन धातुओं में पैसा लगाया। लेकिन जनवरी 2026 के आखिर में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद बाजार का रुख अचानक बदल गया और कीमतों में तेज गिरावट शुरू हो गई।
रिकॉर्ड स्तर के बाद क्यों बदली बाजार की दिशा
बजट से पहले का समय आमतौर पर सोने और चांदी के लिए मजबूत माना जाता है। इस दौरान निवेशक सुरक्षा के लिहाज से इन धातुओं की ओर रुख करते हैं। यही वजह थी कि जनवरी के अंत तक सोना और चांदी लगातार चढ़ते चले गए। लेकिन रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद मुनाफावसूली शुरू हो गई।
कई बड़े निवेशकों ने ऊंचे भाव पर मुनाफा निकालना शुरू किया, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ा। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती और कुछ आर्थिक संकेतों ने भी कीमतों को नीचे खींचने का काम किया। नतीजा यह हुआ कि बीते एक सप्ताह में ही सोना और चांदी दोनों में तेज गिरावट दर्ज की गई।
चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट
चांदी ने पिछले एक साल में निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिया था। साल 2025 की शुरुआत से लेकर जनवरी 2026 के अंत तक चांदी की कीमतें लगातार ऊपर जाती रहीं। 29 जनवरी 2026 को चांदी ने ₹4,20,048 प्रति किलो का ऐतिहासिक स्तर छू लिया, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड था।
लेकिन फरवरी की शुरुआत होते ही चांदी की चमक फीकी पड़ने लगी। महज पांच कारोबारी दिनों के भीतर इसकी कीमत गिरकर ₹2,49,499 प्रति किलो तक आ गई। यानी अपने उच्चतम स्तर से चांदी करीब ₹1,70,549 प्रति किलो तक सस्ती हो चुकी है। इतनी बड़ी गिरावट लंबे समय बाद देखने को मिली है, जिसने निवेशकों को हैरान कर दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि चांदी में यह गिरावट मुनाफावसूली और वैश्विक संकेतों का संयुक्त असर है। चूंकि चांदी का उपयोग उद्योगों में भी बड़े पैमाने पर होता है, इसलिए वैश्विक मांग में हल्की कमजोरी भी इसके दामों पर असर डालती है।
सोने के दाम भी दबाव में
चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी लगातार कमजोरी देखी जा रही है। 29 जनवरी 2026 को 24 कैरेट सोना ₹1,93,096 प्रति 10 ग्राम के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया था। उस समय यह माना जा रहा था कि सोना आने वाले दिनों में और ऊपर जा सकता है।
लेकिन रिकॉर्ड बनाने के बाद सोने में भी बिकवाली शुरू हो गई। हाल के दिनों में सोने का भाव गिरकर ₹1,55,050 प्रति 10 ग्राम तक आ गया है। इस तरह सोना अपने उच्चतम स्तर से लगभग ₹28,000 प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हो चुका है। यह गिरावट उन निवेशकों के लिए झटका है, जिन्होंने ऊंचे दाम पर खरीदारी की थी।
घरेलू बाजार में चांदी की चाल
घरेलू बाजार में भी चांदी की कीमतों में साफ गिरावट देखने को मिली है। इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन के आंकड़ों के अनुसार, 2 फरवरी को चांदी ₹2,59,500 प्रति किलो के आसपास थी। इसके बाद कुछ ही दिनों में यह घटकर ₹2,44,929 प्रति किलो पर आ गई।
यानी एक ही सप्ताह में घरेलू बाजार में चांदी करीब ₹14,500 प्रति किलो तक सस्ती हो गई। इससे साफ है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार के साथ-साथ घरेलू मांग और सप्लाई का असर भी कीमतों पर पड़ रहा है।
आज के सोने के ताजा रेट, कैरेट के हिसाब से
सोने की कीमतें कैरेट के अनुसार अलग-अलग होती हैं। शुद्धता के आधार पर इनका भाव तय किया जाता है। आज के ताजा रेट कुछ इस प्रकार हैं:
24 कैरेट सोना लगभग ₹1,52,080 प्रति 10 ग्राम के आसपास चल रहा है।
22 कैरेट सोने का भाव करीब ₹1,48,430 प्रति 10 ग्राम है।
20 कैरेट सोना लगभग ₹1,35,350 प्रति 10 ग्राम पर उपलब्ध है।
18 कैरेट सोने की कीमत करीब ₹1,23,190 प्रति 10 ग्राम है।
14 कैरेट सोना लगभग ₹98,090 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है।
इन रेट्स से साफ है कि हर कैरेट में गिरावट का असर देखने को मिल रहा है। गहने खरीदने वालों के लिए यह समय इसलिए भी खास है, क्योंकि ऊंचे दामों के बाद अब उन्हें कुछ राहत मिल रही है।
गहने खरीदने वालों के लिए जरूरी जानकारी
सोना और चांदी खरीदते समय सिर्फ बेस रेट ही अंतिम कीमत नहीं होती। इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन द्वारा जारी किए गए दाम पूरे देश में एक समान होते हैं, लेकिन आभूषण खरीदते समय इन पर अतिरिक्त खर्च जुड़ जाता है।
ग्राहकों को सोने के दाम पर 3 प्रतिशत जीएसटी अलग से देना होता है। इसके अलावा मेकिंग चार्ज भी लगता है, जो ज्वेलर और शहर के हिसाब से अलग-अलग हो सकता है। कई बार मेकिंग चार्ज काफी ज्यादा होता है, जिससे अंतिम कीमत बढ़ जाती है। इसलिए खरीदारी से पहले इन सभी बातों को समझना जरूरी है।
निवेशकों और खरीदारों के लिए क्या है संकेत
कीमतों में आई इस गिरावट को दो नजरिए से देखा जा सकता है। निवेशकों के लिए यह चिंता का विषय है, खासकर उनके लिए जिन्होंने हाल ही में ऊंचे दामों पर सोना या चांदी खरीदी थी। हालांकि, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए विशेषज्ञ अब भी मानते हैं कि सोना और चांदी सुरक्षित विकल्प बने रहेंगे।
वहीं गहने खरीदने वालों के लिए यह गिरावट एक अच्छा अवसर हो सकती है। शादी-विवाह और त्योहारों के सीजन से पहले कीमतों में नरमी आना उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
आगे बाजार का रुख क्या रहेगा
आने वाले दिनों में सोना और चांदी किस दिशा में जाएंगे, यह कई कारकों पर निर्भर करेगा। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरें और वैश्विक आर्थिक हालात इनकी कीमतों को प्रभावित करेंगे। अगर बाजार में फिर से अनिश्चितता बढ़ती है, तो कीमती धातुओं में दोबारा तेजी देखने को मिल सकती है।
फिलहाल, चांदी के ₹1.70 लाख तक सस्ते होने और सोने के दामों में आई बड़ी गिरावट ने बाजार को पूरी तरह से चौंका दिया है। यह दौर निवेशकों के लिए सतर्कता का है, जबकि खरीदारों के लिए मौके तलाशने का।









